(N/A) $\Rightarrow$ पादपों में परिवहन की दिशा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
$\Rightarrow$ जड़ वाले पौधों में,$Xylem$ (जाइलम) के माध्यम से जल और खनिजों का परिवहन अनिवार्य रूप से एकदिशीय होता है,जो जड़ों से तने की ओर होता है।
$\Rightarrow$ प्रकाश संश्लेषी पत्तियों में संश्लेषित कार्बनिक यौगिकों को पौधे के अन्य सभी भागों में भेजा जाता है,जिसमें भंडारण अंग भी शामिल हैं। इन भंडारण अंगों से उन्हें बाद में पुनः अन्य भागों में भेजा जाता है।
$\Rightarrow$ खनिज पोषक तत्वों को जड़ों द्वारा अवशोषित किया जाता है और ऊपर की ओर तने,पत्तियों और बढ़ते हुए क्षेत्रों में पहुँचाया जाता है।
$\Rightarrow$ जब पौधे का कोई भाग जीर्णता (senescence) की अवस्था में होता है,तो पोषक तत्वों को उन क्षेत्रों से वापस खींच लिया जाता है और बढ़ते हुए भागों में स्थानांतरित कर दिया जाता है।
$\Rightarrow$ हार्मोन (पादप वृद्धि नियामक) और अन्य रासायनिक उत्तेजकों का भी परिवहन होता है,हालांकि बहुत कम मात्रा में।
$\Rightarrow$ यह परिवहन अक्सर सख्ती से ध्रुवीय या एकदिशीय तरीके से होता है,जो संश्लेषण के स्थान से अन्य लक्षित भागों की ओर गति करता है।
$\Rightarrow$ परिणामस्वरूप,एक पुष्पी पादप में यौगिकों का एक जटिल लेकिन अत्यधिक व्यवस्थित यातायात विभिन्न दिशाओं में होता है,जिसमें प्रत्येक अंग कुछ पदार्थ प्राप्त करता है और कुछ अन्य पदार्थ बाहर निकालता है।